अब नहीं रहे अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हार गये दिल्ली इलेक्शन
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे सामने आ चुके हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 27 वर्षों के बाद राजधानी में सत्ता में वापसी की है। भाजपा ने 70 में से 46 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) 24 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस इस बार भी खाता खोलने में नाकाम रही।
अब नहीं रहे अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हार गये

अरविंद केजरीवाल हार गये
इस चुनाव में कई प्रमुख नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। आप के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से भाजपा के प्रवेश वर्मा से 3,000 से अधिक वोटों से पीछे रहे। citeturn0search0 इसके अलावा, आप के अन्य वरिष्ठ नेता जैसे मनीष सिसोदिया और सौरभ भारद्वाज भी अपने-अपने क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवारों से पीछे रहे।

चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और केंद्र सरकार की नीतियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। वहीं, आप ने अपने पिछले कार्यकाल में किए गए कार्यों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और मुफ्त बिजली-पानी की योजनाओं को चुनावी मुद्दा बनाया। हालांकि, चुनाव से पहले आप के कई नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया।

चुनाव पर प्रभाव और परिणाम
भाजपा की इस जीत से पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह है, क्योंकि 27 वर्षों के बाद पार्टी ने दिल्ली में सत्ता हासिल की है। वहीं, आप के लिए यह परिणाम एक बड़ा झटका है, क्योंकि पार्टी ने पिछले दो चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। कांग्रेस के लिए यह चुनाव भी निराशाजनक रहा, क्योंकि पार्टी एक बार फिर एक भी सीट जीतने में असफल रही।
दिल्ली जनता को भाजप पर भरोसा
भाजपा के सामने अब दिल्ली की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती है। विशेषकर, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सुधार की उम्मीदें जनता ने जताई हैं। वहीं, आप के लिए यह समय आत्ममंथन का है, ताकि पार्टी अपनी कमजोरियों को पहचानकर भविष्य की रणनीति बना सके।

निर्णय
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम ने राजधानी की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया है। भाजपा की सत्ता में वापसी और आप की हार ने यह साबित किया है कि दिल्ली की जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई सरकार जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।