🚨 रूस की परमाणु धमकी के बाद अमेरिका हाई अलर्ट पर, यूरोप के सभी US बेस वॉर मोड में
✈️ डूम्स डे प्लेन एक्टिव, रूसी टैंकर जब्ती से बढ़ा महायुद्ध का खतरा
अमेरिका और रूस के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस की एटॉमिक धमकी के बाद अमेरिकी सेना के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यूरोप में मौजूद अमेरिका के सभी सैन्य अड्डों को वॉर मोड में डाल दिया गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि अमेरिका ने अपने सबसे खतरनाक और अहम विमान E-4B डूम्स डे प्लेन को भी एक्टिव कर दिया है।
यह वही विमान है, जिसे परमाणु युद्ध की स्थिति में आखिरी कमांड सेंटर माना जाता है।
🇺🇸 ट्रंप का बदला रुख, रूस को सीधी चुनौती
डोनबास और यूक्रेन मुद्दे पर रूस के प्रति नरम माने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए साल की शुरुआत में ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया।
📅 7 जनवरी को अमेरिका ने रूसी झंडे वाले दो तेल टैंकरों को बीच समुद्र में जब्त कर लिया। यह सीधा-सीधा रूस और राष्ट्रपति पुतिन के लिए खुली चुनौती मानी जा रही है।
⚓ नॉर्थ अटलांटिक में आमने-सामने आए US और रूसी युद्धपोत
जिस इलाके में यह ऑपरेशन हुआ, वह नॉर्थ अटलांटिक महासागर है।
- एक तरफ अमेरिकी युद्धपोत आगे बढ़ रहे थे
- दूसरी तरफ रूस ने अपनी खतरनाक बेलगोरोड परमाणु पनडुब्बी और युद्धपोत भेज दिए थे
दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि क्या अमेरिका पीछे हटेगा?
लेकिन ट्रंप ने ऑपरेशन रोकने से इनकार कर दिया।
🛢️ रूसी टैंकर ‘Marinera’ और ‘Sophia’ जब्त
अमेरिका का मुख्य लक्ष्य था रूसी Shadow Fleet से जुड़े तेल टैंकर।
🔴 पहला टैंकर
- पहले नाम: Bella One
- बदला गया नाम: Marinera
- रूसी झंडा लगाकर भेजा गया
- आइसलैंड के पास अमेरिकी नेवी ने कब्जा किया
🔴 दूसरा टैंकर
- नाम: Sophia
- कैरेबियन सागर में जब्त
- वेनेजुएला जा रहा था
अमेरिका ने पूरे ऑपरेशन का वीडियो जारी कर यह साफ कर दिया कि वह किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।
✈️ ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए खतरनाक सैन्य हथियार
इस पूरे मिशन में अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी:
- P-8 Poseidon – रूसी पनडुब्बियों की निगरानी
- KC-135 Stratotanker – हवा में ईंधन भरने के लिए
- U-28A Draco – स्पेशल ऑपरेशन एयरक्राफ्ट
- UH-72 Lakota हेलीकॉप्टर – सैनिक उतारने के लिए
- फाइटर जेट्स – फुल अलर्ट मोड में
☢️ रूस की बौखलाहट, परमाणु हमले की मांग
रूस में गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है।
रूसी संसद Duma की रक्षा समिति के डिप्टी हेड Alexey Zhuravlev ने अमेरिका पर परमाणु टॉरपीडो हमले की मांग तक कर डाली है।
रूस का दावा है कि अमेरिका ने 1982 UN Convention on the Law of the Sea का उल्लंघन किया है और वह इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र (UN) में ले जाएगा।
🛩️ डूम्स डे प्लेन एक्टिव – एटमी युद्ध की चेतावनी
अमेरिका ने रूस को सीधा संदेश देने के लिए E-4B Nightwatch यानी डूम्स डे प्लेन को उड़ान में डाल दिया।
🔹 यह विमान:
- बोइंग 747 पर आधारित
- परमाणु हमले को झेलने में सक्षम
- कई दिनों तक बिना उतरे उड़ सकता है
- उड़ता हुआ पेंटागन कहलाता है
इस विमान का वाशिंगटन डीसी के पास तैनात होना इस बात का संकेत है कि अमेरिका परमाणु युद्ध के लिए भी तैयार है।
🌍 क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है?
रूसी टैंकर की जब्ती सिर्फ एक नौसैनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अमेरिका-रूस टकराव की नई शुरुआत मानी जा रही है।
डूम्स डे प्लेन की उड़ान, यूरोप में वॉर मोड और परमाणु धमकियाँ — ये सभी संकेत बताते हैं कि हालात बेहद नाजुक हैं।
अब सवाल यही है👇
👉 क्या रूस पलटवार करेगा?
👉 क्या यह टकराव परमाणु युद्ध तक जाएगा?
दुनिया की धड़कनें तेज हैं…