क्या टीम इंडिया अब नामों पर ज़्यादा, रोल पर कम भरोसा कर रही है?

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जीत के बावजूद टीम इंडिया के सामने चयन की चुनौती

इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा मुकाबला आज राजकोट में खेला जाना है।
टीम इंडिया पूरी तरह तैयार है और न्यूजीलैंड भी वापसी के इरादे से मैदान में उतरेगा।
प्लेइंग इलेवन पर चर्चा करने के लिए अमृत आनंद हमारे साथ मौजूद हैं।

पहले मुकाबले में भले ही भारत ने जीत दर्ज की हो, लेकिन मैच आखिर में इतना क्लोज हो गया कि साफ नजर आया—अगर टॉप-4 बल्लेबाज़ नहीं चलते, तो टीम इंडिया मुश्किल में पड़ सकती है।

एक बदलाव तय है—वॉशिंगटन सुंदर टीम का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह आयुष बडोनी को बुलाया गया है। अब सवाल यह है कि टीम मैनेजमेंट किसे चुनेगी—फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को या फिर बैटिंग ऑलराउंडर आयुष बडोनी को?

देखने में तो यही लग रहा है कि आयुष बडोनी को मौका मिल सकता है। वजह साफ है—जब गौतम गंभीर लखनऊ के मेंटॉर थे, तब बडोनी वहीं से खेलते थे। दिल्ली से होने के बावजूद गंभीर उन्हें अच्छे से जानते हैं। बडोनी की बॉलिंग भी ठीक-ठाक रही है, और यह एक प्लस पॉइंट है।

अब बात करते हैं राजकोट के मैदान की। पिछले मुकाबले में भारत ने 301 रन दिए थे और बॉलर्स की जमकर पिटाई हुई थी। इसमें कोई दो राय नहीं है कि बॉलिंग डिपार्टमेंट को संभलकर खेलना होगा। एक बार फिर मोहम्मद शमी की कमी महसूस हो रही है। हर कोई उन्हें मिस कर रहा है।

क्रिकेट में हमेशा देखा गया है कि गेंदबाज़ जोड़ी में दबाव बनाते हैं। अगर बुमराह अच्छा डाल रहे हैं, तो उसका फायदा हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे या अर्शदीप को मिलता है। एक की-बॉलर भले विकेट न ले, लेकिन वो दूसरे छोर से विकेट दिलाने का काम करता है।

पहले मैच में अर्शदीप को बाहर रखा गया था। क्या इस मैच में भी वही होगा?
मेरे हिसाब से अर्शदीप को प्लेइंग इलेवन में जरूर लाना चाहिए।

अब सवाल है—अगर अर्शदीप आएंगे तो बाहर कौन जाएगा?


मेरे मुताबिक प्रसिद्ध कृष्णा को बाहर बैठना चाहिए। वो लगातार रन दे रहे हैं और राजकोट की पिच भी गेंदबाज़ों के लिए आसान नहीं है। यहां ड्यू फैक्टर भी ज्यादा नहीं होगा, यानी बल्लेबाज़ों को पूरे रन बनाने का मौका मिलेगा।

अगर पावरप्ले में विकेट नहीं निकले, तो न्यूजीलैंड 350 तक भी जा सकता है। और वनडे में हर दिन बल्लेबाज़ नहीं चल सकते—रोहित, विराट और श्रेयस हर मैच नहीं जितवा सकते। किसी एक बैटिंग ऑलराउंडर की जरूरत जरूर है।

यही वजह है कि वॉशिंगटन सुंदर की गैरमौजूदगी में बडोनी को मौका मिल सकता है। लेकिन गेंदबाज़ी में एक बदलाव जरूरी है—प्रसिद्ध की जगह अर्शदीप को आना चाहिए।

अब बात करते हैं केएल राहुल की।


राहुल को नंबर 6 पर खिलाना सही फैसला नहीं लगता। उनका स्वभाव ऐसा है कि उन्हें कुछ गेंद खेलने की जरूरत होती है। नंबर 5 पर खेलते तो वो ज्यादा प्रभावी हो सकते थे। अगर वो पहले आते, तो पिछला मैच इतना डीप नहीं जाता।

श्रेयस अय्यर की 49 रन की पारी और विराट की 93 रन की पारी नहीं होती, तो भारत यह मैच हार सकता था—इसमें कोई शक नहीं।

अब एक बड़ा सवाल—अक्षर पटेल या रवींद्र जडेजा?
मेरे हिसाब से इस वक्त अक्षर पटेल को मौका मिलना चाहिए। उनका पीक चल रहा है—बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों में। जडेजा शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन उनका वनडे फॉर्म अब पहले जैसा नहीं रहा। बल्लेबाज़ अब उनकी गेंदबाज़ी को आसानी से पढ़ रहे हैं।

टेस्ट क्रिकेट अलग फॉर्मेट है, वहां जडेजा का रोल अलग होता है। लेकिन वनडे और खासकर 2027 वर्ल्ड कप के प्लान में मुझे नहीं लगता कि जडेजा फिट बैठते हैं। साउथ अफ्रीका की पिचों को देखते हुए अक्षर ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते हैं।

अब आते हैं प्रेडिक्शन पर—

सबसे ज्यादा रन:
मैं चाहता हूँ कि शुभमन गिल फॉर्म में लौटें। एक कप्तानी पारी की जरूरत है। अगर 50-60 रन भी आत्मविश्वास के साथ आते हैं, तो बहुत बड़ी बात होगी।
हालांकि मेरे हिसाब से आज सबसे ज्यादा रन रोहित शर्मा के बल्ले से आ सकते हैं।

विकेट टेकर:


मेरे लिए आज के मैच में सबसे बड़ा विकेट टेकर कुलदीप यादव होंगे।
अगर अर्शदीप खेलते हैं, तो उनसे भी काफी उम्मीदें होंगी।

अब आप भी बताइए—
आप प्लेइंग इलेवन में कौन से बदलाव देखना चाहते हैं?

उम्मीद यही है कि आज शाम टीम इंडिया जीत दर्ज करेगी और सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बनाएगी। 🇮🇳🏏

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