PM Modi–Donald Trump Trade Deal Row: फोन कॉल न होने से रुकी भारत-अमेरिका ट्रेड डील, 50% अमेरिकी टैरिफ लागू
🇮🇳🇺🇸 भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्यों अटक गई?
भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय ट्रेड डील अब तक अंतिम रूप नहीं ले सकी है। इसी कारण भारत को अमेरिकी आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक (Howard Lutnick) ने इस डील के अटकने की वजह बताते हुए बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया, जिससे अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
🗣️ लुटनिक का दावा क्या है?
वेंचर कैपिटलिस्ट चमथ पलिहापिटिया के All-In Podcast में लुटनिक ने कहा:
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील पूरी तरह तैयार थी
- अंतिम चरण में केवल नेता स्तर की बातचीत बाकी थी
- पीएम मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप को फोन करना था
- लेकिन वह कॉल नहीं हुई
- इसके बाद अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम से डील कर ली
लुटनिक के अनुसार, भारत को “तीन शुक्रवार” का समय दिया गया था। तय समय निकलने के बाद जब भारत ने संपर्क किया, तब तक मौका निकल चुका था।
🧠 भारत सरकार की असहजता?
भारत के पूर्व राजनयिक केसी सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि:
“ट्रंप प्रशासन की मांगें अपरंपरागत और अप्रत्याशित होती हैं।
बातचीत अक्सर अहंकार और दबाव की राजनीति पर आधारित रहती है।”
उनका मानना है कि भारत सरकार इन शर्तों से सहज नहीं थी, इसलिए अंतिम कॉल नहीं की गई।
🛢️ रूस से तेल खरीदने पर 500% टैरिफ का खतरा
इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाले बिल को मंज़ूरी दी गई है (हालांकि वोटिंग अभी बाकी है)।
इससे भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ गई है।
🌍 ट्रंप का ग्लोबल पावर स्टैंड
New York Times को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा:
- “मुझे अंतरराष्ट्रीय कानून की ज़रूरत नहीं है”
- “मुझे सिर्फ मेरी नैतिकता रोक सकती है”
- “अमेरिका के बिना NATO बेकार है”
- “ग्रीनलैंड का मालिकाना हक़ चाहिए”
विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने इस इंटरव्यू को “असाधारण और चिंताजनक” बताया।
⚔️ ड्रग कार्टेल और सैन्य कार्रवाई
Fox News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि:
- अमेरिका ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ ज़मीनी हमले करेगा
- मेक्सिको में कार्टेल्स का प्रभाव खत्म किया जाएगा
📌 निष्कर्ष (Conclusion)
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का अटकना सिर्फ एक फोन कॉल का मामला नहीं है, बल्कि यह ट्रंप प्रशासन की आक्रामक व्यापार नीति, दबाव की कूटनीति और शक्ति-केंद्रित वैश्विक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि:
- क्या भारत इस टैरिफ दबाव के आगे झुकेगा?
- या अमेरिका-भारत रिश्ते नई दिशा लेंगे?