WPL 2026: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने गुजरात के 192 रन चेज कर इतिहास रचा

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WPL 2026: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने गुजरात के 192 रन चेज कर इतिहास रचा

मंगलवार को नवी मुंबई में मुंबई और गुजरात के बीच हुआ मैच एकदम पैसा वसूल था भाई। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए जब गुजरात की शेरनियों ने 192 रन ठोक दिए, तो उनके फैंस कॉलर ऊपर कर चुके थे कि आज तो मैच पूरी तरह उनकी मुट्ठी में है। हमें कोई हरा नहीं सकता।

लेकिन मेरे दोस्त, पिक्चर अभी बाकी थी। यह बात हमारी मुंबई की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने साबित कर दी। 16 ओवर तक जो मैच गुजरात की तरफ झुका हुआ था, वो आख़िरी चार ओवरों में कैसे पलटा — यह देखकर दिमाग का दही हो गया। आखिर में मुंबई इंडियंस ने सात विकेट से जो जीत हासिल की, वो कोई मामूली बात नहीं थी।

यह WPL इतिहास में गुजरात के खिलाफ मुंबई का सबसे बड़ा सफल चेज़ बन गया। ओवरऑल WPL इतिहास देखें तो RCB द्वारा 202 रन के चेज़ के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा चेज़ है। इतना बड़ा स्कोर बनाकर भी गुजरात के हारने की वजह खुद गुजरात की टीम ही रही — इसमें कोई शक नहीं।

सच कहें तो यह मैच मुंबई ने नहीं जीता, बल्कि गुजरात ने थाली में सजाकर दे दिया। बेचारी गुजरात की बैटर भारती फुलमाली की मेहनत बेकार हो गई। उसने बॉलर्स की धुलाई करके 192 रन बोर्ड पर टांग दिए, लेकिन गुजरात के फील्डर शायद हाथों में मक्खन लगाकर आए थे।

सामने हरमनप्रीत कौर खेल रही थीं। शेरनी को पिंजरे में बंद करने का मौका मिले तो कोई छोड़ता है क्या? एक बार नहीं, दो-दो बार हरमन के लड्डू कैच छोड़े गए। ऊपर से गुजरात के बॉलर्स ने क्रूशियल टाइम पर पानी की तरह रन लुटाकर मुंबई का प्रेशर कम कर दिया और खुद पर बढ़ा लिया।

रही-सही कसर मैदान की ओस ने पूरी कर दी, जिसने गुजरात की लुटिया डुबो दी। 192 रन बनाकर भी अगर आप डिफेंड नहीं कर पाए, तो समझ जाइए कि फील्डिंग और बॉलिंग का लेवल कैसा रहा होगा।

इस हार के साथ गुजरात ने इस सीजन की पहली हार का स्वाद चखा। अब तक टेबल टॉपर बनने के सपने देख रही गुजरात की उम्मीदों पर मुंबई ने पानी फेर दिया।

यहाँ असली ट्विस्ट यह है कि इस जीत से हमारे RCB फैंस फुल खुश हैं। अगर गुजरात जीतती, तो वो RCB को धक्का मारकर फर्स्ट प्लेस पर चली जाती और बेचारी RCB सेकंड पर खिसक जाती। लेकिन मुंबई की जीत से RCB की नंबर वन कुर्सी सेफ हो गई।

अब पॉइंट्स टेबल में मुंबई दूसरे नंबर पर आ गई और गुजरात लुढ़ककर तीसरे नंबर पर चली गई। मतलब — दुश्मन का दुश्मन दोस्त वाला पूरा सीन हो गया। मुंबई की जीत से RCB के घर में दिवाली मन गई।

अब मैच की हाइलाइट्स पर नज़र डालते हैं। मुंबई ने टॉस जीतकर गुजरात को बल्लेबाज़ी का न्योता दिया। शुरुआत में मुंबई का पलड़ा भारी लगा। गुजरात की ओपनर सोफी डिवाइन सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं, जिससे मुंबई फैंस खुश हो गए।

लेकिन यह खुशी ज़्यादा देर तक नहीं टिकी। दूसरी ओपनर बेथ मूनी ने खूंटा गाड़ लिया और वन-डाउन आई कनिका आहूजा ने आते ही “मैं यहां टेस्ट मैच खेलने नहीं आई हूं” वाले अंदाज़ में 18 गेंदों पर 200 के स्ट्राइक रेट से 35 रन ठोक दिए।

दोनों ने 42 रन की पार्टनरशिप कर मुंबई बॉलर्स की नाक में दम कर दिया। जब लगा कि मैच हाथ से निकल रहा है, तभी बेथ मूनी 33 पर और कनिका 35 पर आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान एशले गार्डनर भी 11 गेंदों में 20 रन की आतिशबाज़ी करके चलती बनीं।

ज़रूरी समय पर गुजरात ने तीन विकेट गंवा दिए, जिससे रन रेट स्लो हो गया। ऊपर से आयुषी सोनी ने बेहद धीमी बल्लेबाज़ी की और 11 रन पर रिटायर्ड आउट होकर चली गईं। 136 रन पर पांच विकेट गिर चुके थे।

लेकिन असली क्लाइमेक्स अभी बाकी था। चौथे नंबर पर आई जॉर्जिया वेयरहम दीवार बनकर खड़ी हो गईं और 33 गेंदों पर 43 रन बनाए। लेकिन मुंबई बॉलर्स को असली तारे दिन में दिखाए छठे नंबर पर आईं भारती फुलमाली ने।

इस लड़की की बल्लेबाज़ी मुंबई के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। सिर्फ 15 गेंदों में 240 के स्ट्राइक रेट से 36 रन ठोक दिए। खासतौर पर आखिरी ओवर में 23 रन लूटकर गदर मचा दिया।

इन दोनों ने मिलकर आखिरी पांच ओवरों में 62 रन कूट दिए और गुजरात ने 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 192 रन का पहाड़ खड़ा कर दिया। छठे विकेट के लिए दोनों के बीच 56 रन की नाबाद साझेदारी हुई, जो गुजरात जायंट्स के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी सिक्स्थ विकेट पार्टनरशिप है।

इस पारी में एक अजीब रिकॉर्ड भी बना। गुजरात ने 192 रन बनाए, लेकिन किसी भी बल्लेबाज़ ने अर्धशतक नहीं जमाया। WPL इतिहास में बिना किसी हाफ सेंचुरी के बना यह सबसे बड़ा स्कोर है।

मुंबई की बॉलिंग की बात करें तो अमनजोत कौर के लिए आज का दिन बेहद खराब रहा। चार ओवर में बिना विकेट लिए 48 रन लुटा दिए। यह WPL में मुंबई इंडियंस के किसी बॉलर का सबसे महंगा स्पेल बन गया।

अब मुंबई के सामने 193 रन का टारगेट था। दूसरी पारी की शुरुआत में गुजरात के बॉलर्स ने दबाव बना दिया। ओपनर कमालिनी 13 रन पर पवेलियन लौट गईं। दूसरी ओर हेली मैथ्यूज़ ने 22 रन बनाए लेकिन गौतम की गेंद पर आउट हो गईं।

मुंबई ने 37 रन पर दोनों ओपनर्स खो दिए। इसके बाद क्रीज़ पर आईं अमनजोत कौर और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। जब साझेदारी खतरनाक होने लगी, तभी सोफी डिवाइन ने अमनजोत को आउट कर मुंबई को फिर मुश्किल में डाल दिया।

लेकिन गुजरात को क्या पता था कि असली खेल तो अब शुरू हुआ है। हरमन के साथ निकोला कैरी आईं और 16वां ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया। रेणुका सिंह ठाकुर के उस ओवर में निकोला कैरी ने पांच चौके जड़कर 20 रन लूट लिए।

यहीं से पूरा पासा पलट गया। इसी दौरान हरमनप्रीत कौर ने अपना अर्धशतक पूरा किया। यह WPL में उनका 10वां हाफ सेंचुरी था। साथ ही उन्होंने WPL में 1000 रन भी पूरे कर लिए — सिर्फ 29 पारियों में।

आखिर में हरमनप्रीत कौर 43 गेंदों पर 71 रन और निकोला कैरी 23 गेंदों पर 38 रन बनाकर नाबाद रहीं। दोनों ने 84 रन की नाबाद साझेदारी कर मुंबई को 20वें ओवर में जीत दिला दी और गुजरात के मुंह से जीत छीन ली।

कुल मिलाकर यह मैच सस्पेंस, ड्रामा और रोमांच से भरपूर था, और मुंबई की यह जीत किसी चमत्कार से कम नहीं थी।


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